प्रभु ने जीवन कीया है प्रदान

સામાન્ય

(રાગ -જીવન એ સૌના ખીલવતો જાય . . . )

 

प्रभु ने जीवन कीया है प्रदान . . .

 

दंत न थे तब दूध पिलाया, क्यों नही देगा धान;

हरपल तेरे साथ रहा है, करुणाकर भगवान;            प्रभुने . . .

 

हीर देके शोणित सागर में, गाता मधुरम  गान;

सासोंकी बांसुरीया में, हरी छेडे अनुपम तान;            प्रभुने . . .

 

अखियोँकी खिडकी से, ईश्वर देखे जगकी शान;

नयनों पर क्यों परदा डाले, ओ मुरख ईन्सान;            प्रभुने . . .

 

बिन मांगे हरि सबकुछ देते, कीया तुझे धनवान;

फिरभी दीन बने क्यों माँगे, क्यों करता अपमान;        प्रभुने . . .

 

करुणा का जल प्रभु बहाते, भरते सबके प्राण;

तू भी उनके चरणों धोले, अंखमें देंगे स्थान;             प्रभुने . . .

 

शक्ति स्तोत्र प्रगट है तुझमें, करले ईश के काम;

जीवन में संगीत बहाले, हो जा तू मस्तान;            प्रभुने . . .

    ===ॐ===

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