Tag Archives: कार्य

गंगा यमुना सरस्वती ।

સામાન્ય

गंगा यमुना सरस्वती,

करती सबकी उर्ध्वगति . . .                    गंगा . . .

 

कोटि कोटि जन संगम नहाते,

पाप चढाकर पुण्य कमाते,

स्वाध्यायी लाये भक्ति . . .                      गंगा . . .

 

युग द्रष्टाकी कहानी बानी,

प्रभु कार्यकी अमर कहानी,

पीठीका है ईश भक्ति . . .                        गंगा. . .

 

मेल हुआ मानव मानवका,

खेल मिटा अब ऊंचनीचका

ईश संतान सभी ये मति . . .                    गंगा . . .

 

कृति चढाने कॄषि बनाये,

वृक्षोमें विष्णु मन भाये,

प्रकट हुई विष्णु पत्नी . . .                       गंगा . . .

 

भक्तिकी शक्ति प्रकटाई,

संघ शक्तिकी ज्योत जलाई,

की अमृतालयम् कृति . . .                       गंगा . . .

 

जन सेवा नहीं ध्येय हमारा,

हो युग परिवर्तन ये नारा,

लाचारीसे हो मुक्ति . . .                           गंगा . . .

 

गंगा माँकी गोदमें आये,

पांडुरंग प्रसादी लिये,

तीर्थराजकी अमर स्मृति . . .                    गंगा . . .

    === ॐ ===

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष ११, सोमवार, सं. २०४२ । दि. ६-१-१९८६ ।

आज फिरसे हंस रही है, बीसवीं सदी॥

સામાન્ય

आरंभमें व्यथित थी, ये बींसवीं सदी।

आज फिरसे हंस रही है, बीसवीं सदी॥

 

विश्वयुध्धने हृदय हृदयको चूर्ण कर दिया।

मनुष्यताके मुल्यका असरने हनन किया।

भाव गंग आज सबके दिलमें बह रही …            आज…

 

प्रांतवाद, कौमवाद, भोगवाद बढ गये।

गांधी जैसे संतके रुधिरभी छिड़क गये।

संतान है प्रभुकी बात मन में बस गई …            आज…

 

गाँव गाँवमें प्रभु विचार पुष्प खिल गये।

कार्यके श्रीफल हरिके चरणमें चढा दिये।

अमृतालयम कृषिकी भेंट है मिली …               आज…

 

दैवी अर्थशास्त्र पांडुरंगने खुला किया।

गरीबको अमीर दिलका आज है बना दिया।

तीर्थराजके मिलनमें बात खुल गई …              आज…

 

आयेगी नयी सदी नये निशान पायेंगे।

गाँव गाँव अमृतालयमकी भेंट पायेंगे।

खीलेगी बंधुता प्रभुके छत्रमें तभी …                आज…

 

वसुंधरा बनेगी स्वर्ग विश्वमें तभी॥

=== ॐ ===